Yoga Asanas To Cure Naval Displacement In Hindi | ये 4 योगासन करें नाभि खिसकने पर, समस्या होगी जल्द दूर

नाभि खिसकने की समस्या को ठीक करने के लिए आप कुछ योगासनों का सहारा ले सकते हैं। चलिए जानते हैं इन्हें करने का तरीका । भारी वजन उठाने, ऊंची जगह से कूदने, तेज दौड़ने, मानसिक तनाव और अचानक झुकने की वजह से कई बार नाभि खिसकने की समस्या हो जाती है। यह एक पीड़ादायक समस्या है। इसमें नाभि के स्थान पर नाड़ी ऊपर या नीचे खिसक जाती है। इस दौरान पेट में दर्द, दस्त, शरीर में कमजोरी होना बेहद आम है। इतना ही नहीं नाभि खिसकने पर घबराहट और जी मिचलाने की समस्या भी होती है।

लंबे समय तक अगर नाभि खिसकने की समस्या रहती है, तो इससे कई दूसरी तरह की समस्याएं जन्म ले लेती हैं। इसमें बीपी, अनिद्रा, तनाव, कब्ज और लिवर सिरोसिस शामिल हैं। ऐसे में इसे समय पर ठीक करना बेहद जरूर होता है। अगर आप भी नाभि खिसकने की समस्या से परेशान हैं, तो कुछ योगासनों की मदद से इसे ठीक कर सकते हैं। नाभि खिसकने पर कौन-से योगासन करना लाभकारी हो सकता है। 

आगे पढ़िए…

1. उत्तानपादासन (Uttanpadasana)

अगर आप खिसकी हुई नाभि से परेशान हैं, तो उत्तानपादासन कर सकते हैं। नियमित रूप से इस आसान को करने से खिसकी नाभि की समस्या ठीक हो जाती है। इससे नाभि केंद्र संतुलित होता है। नाभि को ठीक करने के लिए यह एक बेहतरीन योगासन है। इसके अलावा उत्तानपादासन बैली फैट कम करने में भी सहायक होता है। इसे करने से शरीर में धीरे-धीरे एब्स भी बनने लगते हैं। इससे पेट और पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। यह पेट के रोगों को दूर करने में भी फायदेमंद होता है। इसे रोज करने से पाचन क्रिया बेहतर तरीके से काम करती है।

इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और मन शांत होता है।

  • – उत्तानपादासन करने के लिए सबसे पहले जमीन पर एक मैट बिछा लें।
  • – मैट पर पीठ के बल एकदम सीधे लेट जाएं।
  • – अपने दोनों पैरों को सटाकर या चिपकाकर रखें। इनके बीच दूरी नहीं होनी चाहिए। 
  • – अब अपने दोनों हाथों को शरीर के बिल्कुल पास रखें।
  • – लंबी गहरी सांस लेते हुए अपने दोनों पैरों को धीरे-धीरे उठाने की कोशिश करें। इस दौरान अपने पैरों को 30 डिग्री तक उठाएं। 
  • – 10-30 सेकेंड तक इसी अवस्था में रहें। 
  • – सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं।
  • – इस प्रक्रिया को बार 3-5 बार दोहरा सकते हैं। 
  • – अगर आपके पैरों या पेट में दर्द है, तो इस योगासन को करने से बचें।

2. नौकासन (Naukasan)

नियमित रूप से नौकासन करने से स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं। कई लोगों को बार-बार नाभि खिसकने की समस्या होती है, ऐसे में अगर नौकासन किया जाए तो इस समस्या को ठीक किया जा सकता है। नौकासन खिसकी हुई नाभि को ठीक करने में मददगार होता है। इतना ही नहीं इस आसन से पेट, कूल्हे और रीढ़ की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। नौकासन को रोज करने से मन और दिमाग शांत होता है। साथ ही इससे तनाव और स्ट्रेस भी दूर होता है। नौकासन करने से पाचन क्रिया में सुधार होता है। यह बैली फैट को कम करने में भी एक लाभकारी आसन है।

  • – नौकासन करने के लिए भी सबसे पहले एक मैट बिछा लें।
  • – इस पर पीठ के बल लेट जाएं। अपने पैरों को एकदम सीधा रखें।
  • – लंबी गहरी सांस लेते हुए दोनों पैरों को ऊपर उठाने की कोशिश करें। 
  • – अब अपने दोनों हाथों को पैरों के समानांतर रखते हुए ऊपर उठें।
  • – इस दौरान आपकी कोहनियां और घुटने मुड़ने नहीं चाहिए।
  • – इसमें आपका आकार नांव की तरह नजर आएगा।
  • – 10-30 सेकेंड तक इस अवस्था में रहने के बाद सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं।
  • – इस प्रक्रिया को आप 3-5 बार दोहरा सकते हैं।
  • – अगर आपको पैरों, हाथों या पेट में दर्द है, तो इस आसन को करने से बचें।
  • – अगर आपको माइग्रेन, सिर दर्द, हाथ या पैरों में दर्द है तो इस आसन को न करें। 
  • – साथ ही गर्भावस्था के दौरान भी इस आसन को करने से बचना चाहिए।

3. मंडूकासन (Mandukasana)

मंडूकासन करने से नाभि पर दबाव पड़ता है, जिससे नाभि के केंद्र को संतुलित किया जा सकता है। नाभि खिसकने पर इस योगासन को करना बेहद फायदेमंद हो सकता है। इसके साथ ही नियमित रूप से मंडूकासन करने से पेट से संबंधित सभी तरह के रोग जैसे गैस, अपच, एसिडिटी और कब्ज दूर होते हैं। मंडूकासन को रोज करने से डायबिटीज की समस्या से भी बचा जा सकता है। इससे पाचन क्रिया दुरुस्त होती है और खाना अच्छी तरह से डायजेस्ट हो जाता है। मंडूकासन करने से शरीर से सारे टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं। इससे पेट की चर्बी कम करने में भी मदद मिलती है। आप भी इन सभी फायदों को लेने के लिए नियमित रूप से मंडूकासन कर सकते हैं।

  • – मंडूकासन करने के लिए सबसे पहले किसी शांतिपूर्ण जगह पर एक मैट बिछा लें।
  • – इस पर वज्रासन (पैरों को मोड़कर) में बैठ जाएं।
  • – अपने दोनों हाथों से मुट्ठी बांधें। 
  • – अब दोनों मुट्ठी को नाभि और जांघ के पास रखें।
  • – इस दौरान मुट्ठी खड़ी होगी और उंगुलियां उदर की तरफ होंगे।
  • – सांस छोड़ते हुए आगे की तरफ झुकें। छाती से जांघों को छुएं।
  • – अपने सिर को ऊपर की तरफ उठाएं और सामने की तरफ देखें।
  • – इस दौरान नाभि पर अधिक दबाव पड़ता है।
  • – इस अवस्था में 10-30 सेकेंड तक रहें। इस दौरान सांस लें और छोड़ें।
  • – इसके बाद अपनी प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
  • – मंडूकासन को आप 3-5 बार दोहरा सकते हैं।
  • – हाइपरएसिडिटी वालों को इस आसन को करने से बचना चाहिए।
  • – अगर हाल ही में आपका पेट का ऑपरेशन हुआ है, तो भी इस आसन को करने से बचें।
  • – नाभि में चोट लगने पर भी आप इस आसन को न करें।

4. मकरासन (Makarasana)

मकरासन करने से खिसकी हुई नाभि की समस्या को ठीक किया जा सकता है। इसके नियमित अभ्यास से इससे छुटकारा मिल सकता है। इसके साथ ही मकरासन करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। कमर दर्द के लिए भी यह एक बेहतरीन योगासन है। इससे फेफड़े और पाचन तंत्र मजबूत बनता है। तनाव और चिंता को कम करने के लिए भी इस योगासन को किया जा सकता है। हाई ब्लड प्रेशर में इसे करना फायदेमंद होता है। साइटिका और स्लिप डिस्क के रोगियों के लिए मकरासन बेहद लाभकारी है। इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है।

  • – मकरासन एक बहुत आसान योगासन है। इसे करने के लिए आप एक मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
  • – अपने पैरों को एकदम सीधा रखें। दोनों पैरों के बीच थोड़ा गैप रखें।
  • – आपका ठोड़ी, सीना और पेट जमीन को छूना चाहिए।
  • – अब अपने सिर और कंधों को ऊपर उठाएं। ठोड़ी को हथेलियों पर और कोहनियों का जमीन पर रखें।
  • – इस दौरान आपके पेट पर दबाव पड़ेगा।
  • – लंबी गहरी सांस लेते हुए अपने पैरों को घुटनों से मोड़ते हुए एक-एक करके ऊपर नीचे करें।
  • – कुछ देर तक इस योगासन को करने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं। 
  • – कमर दर्द होने पर इस आसन को करने से बचना चाहिए। अगर आपको हर्निया की समस्या है, तो भी इस आसन को करने से बचें।

आप भी इन योगासनों की मदद से अपनी खिसकी हुई नाभि की समस्या को काफी हद तक ठीक कर सकते हैं। लेकिन अगर आपकी नाभि खिसकी है, तो योगा एक्सपर्ट की देखरेख में ही इन योगासनों को करें। इससे आप योगासन सही तरीके से कर पाएंगे और आपको इनका पूरा लाभ मिलेगा। गलत तरीके से आसन करने पर आपको नुकसान भी हो सकता है।

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